ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

समर्पण और अमोघ रक्षा हेतु मंत्र (विभीषण शरणागति)

श्री राम शरणं मम्

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारशरणागति / रक्षा मंत्र
स्वरूपशरणागतवत्सल राम
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

भगवान श्रीराम ही मेरी एकमात्र शरण (आश्रय) हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भगवान की पूर्ण सुरक्षा का अनुभव, व्यक्तिगत अहंकार का नाश, और अंततः मोक्ष की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

भगवान की पूर्ण सुरक्षा का अनुभव, व्यक्तिगत अहंकार का नाश, और अंततः मोक्ष की प्राप्ति 22।

जप काल

भय के समय या रात्रि शयन से पूर्व समर्पण भाव से।

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