शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ वानराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवानर-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वानर (वन में रहने वाले) का साधारण स्वरूप धारण करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ कपिलायै नमः
ॐ उदरं सुबलस्वसा पातु।
ॐ वृषाकपये नमः
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