शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ युधिष्ठिरप्रतिष्ठात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपधर्म-संस्थापक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राजा युधिष्ठिर को धर्मराज के पद पर स्थापित करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राज्य-पद प्राप्ति हेतु
विस्तृत लाभ
राज्य-पद प्राप्ति हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥ 18
ॐ प्रजापतये नमः
ॐ दैत्यान्तकाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ह्स्सौः हूँ फट् नील सरस्वत्यै स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥