शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे। नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऋषि चिक्लीत प्रार्थना
स्वरूपश्रीदेवी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जल स्निग्ध पदार्थों को उत्पन्न करे। हे चिक्लीत ऋषि! आप मेरे घर में निवास करें और श्रीदेवी को मेरे कुल में बसाएं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में प्रेम, सद्भाव का निवास
विस्तृत लाभ
घर में प्रेम, सद्भाव का निवास।
जप काल
जल/कलश स्थापन के समय।
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