कार्तिकेय मंत्र
ॐ भार्गवरामाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो परशुराम (भार्गव) के रूप में अवतरित हुए थे, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुष्ट और अत्याचारी प्रशासकों या अधिकारियों के दमन हेतु अदम्य साहस की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दुष्ट और अत्याचारी प्रशासकों या अधिकारियों के दमन हेतु अदम्य साहस की प्राप्ति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः
ॐ स्मितवक्त्राय नमः
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥