शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अच्युतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने दिव्य स्वरूप से कभी च्युत (गिरती) नहीं होतीं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दृढ़ता और स्थिरता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दृढ़ता और स्थिरता की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ वेदवेदान्तयज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिवन्दितम्। श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये॥
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः
ॐ उदधिक्रमणाय नमः
ॐ कमलासनस्थायै नमः
ॐ वेदगर्भाय नमः