शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अग्निजन्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअग्नि-संभव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अग्नि से उत्पन्न होने वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जठराग्नि व शारीरिक तेज की प्रखरता
विस्तृत लाभ
जठराग्नि व शारीरिक तेज की प्रखरता।
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नीलाब्ज दाडिमी वीणा शालि गुञ्जाक्ष सूत्रकम् । दधदुच्छिष्ट नामायं गणेशः पातु मोक्षदः ॥
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