शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
लाट भैरव मंत्र
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं लाट भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारक्षेत्रीय अघोर मंत्र
स्वरूपलाट भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लाट भैरव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काशी की तांत्रिक परंपरा में मान्य, विशेष सुरक्षा हेतु
विस्तृत लाभ
काशी की तांत्रिक परंपरा में मान्य, विशेष सुरक्षा हेतु 7।
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मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18
ॐ दशग्रीवदर्पघ्नाय नमः