शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अक्षराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कभी क्षरण या नाश नहीं होता, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता
विस्तृत लाभ
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ घोररूपाय नमः।
ॐ कदलीरूपायै नमः
ॐ भारद्वाजस्तुताय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मङ्गलाय पिङ्गलाय ॐ नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ माधवप्रियायै नमः