शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भारद्वाजस्तुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपऋषि-स्तुत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि भारद्वाज द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ महते नमः
सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्
ॐ अमृत्यवे नमः
ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥