शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भयापहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअभय-प्रदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रकार के भय को दूर करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुःस्वप्नों, मृत्यु-भय और असुरक्षा की भावना का अंत
विस्तृत लाभ
दुःस्वप्नों, मृत्यु-भय और असुरक्षा की भावना का अंत।
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ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
ॐ वाचं वाणी सदा पातु।
ॐ गुणश्रेष्ठाय नमः