शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ चन्द्रवर्णाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचंद्रकांति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चंद्र के समान शीतल कांति वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मानसिक शांति और क्रोध पर नियंत्रण
विस्तृत लाभ
मानसिक शांति और क्रोध पर नियंत्रण।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
घोर रूपे महारावे सर्वशत्रु भयङ्करि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः॥
ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमः
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायुः ॥
ॐ कस्तूरीतिलकोज्ज्वलायै नमः