चण्ड रुद्र मंत्र
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
परम तेजस्वी चण्डीश्वर रुद्र को मेरा नमस्कार है, शत्रुओं का नाश (फट्) हो।
इस मंत्र से क्या होगा?
भयंकर शत्रुओं से रक्षा, व्यक्तित्व में ओज (Tejas) और तेजस्विता की वृद्धि
विस्तृत लाभ
भयंकर शत्रुओं से रक्षा, व्यक्तित्व में ओज (Tejas) और तेजस्विता की वृद्धि 25।
जप काल
घोर संकट या युद्ध/प्रतिस्पर्धा के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नववीराधिनायकाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ हरिस्वरूपाय नमः
ॐ हरिणी पातु सर्वतः।