शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ दामोदराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपभक्त-पराधीन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता द्वारा पेट (उदर) पर रस्सी (दाम) से बांधे गए भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
क्षमा और दया हेतु
विस्तृत लाभ
क्षमा और दया हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णसेवापरायणायै नमः
या ते रुद्र शिवा तनूरघोराऽपापकाशिनी। तया नस्तनुवा शन्तमया गिरिशन्ताभिचाकशीहि॥
ॐ भोक्त्रे नमः
ॐ कृपामय्यै नमः
ॐ साक्षिणे नमः
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥