एकदंत स्वरूप श्लोक
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका एक दांत है, विशाल शरीर है, जिनका वर्ण तपे हुए स्वर्ण के समान है, जिनका उदर बड़ा है और नेत्र विशाल हैं, ऐसे गणनायक को मैं नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में भौतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का विकास
विस्तृत लाभ
जीवन में भौतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का विकास।
जप काल
गणेश उत्सव के दौरान सामूहिक गान।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।
ॐ ज्ञानचक्षुषे नमः।
ॐ जैत्राय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥