चण्डिका माला महामंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
संसार में अपराजेय होने, घोर तंत्र-बाधा (भूत-प्रेत-शाकिनी-डाकिनी) को नष्ट करने और अभीष्ट कार्य सिद्धि हेतु
विस्तृत लाभ
संसार में अपराजेय होने, घोर तंत्र-बाधा (भूत-प्रेत-शाकिनी-डाकिनी) को नष्ट करने और अभीष्ट कार्य सिद्धि हेतु 23।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ॐ सर्वलोकानां गुरवे नमः।
ॐ स्वाँ हृदयाय नमः, ॐ ह्रीँ शिरसे स्वाहा, ॐ क्लीँ शिखायै वषट्, ॐ ऐँ कवचाय हुं
ॐ कर्पूरामोदमोदितायै नमः
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ कृष्णप्रेमविनोदिन्यै नमः