शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ जरामरणवर्जिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपअजर-अमर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो बुढ़ापा (जरा) और मृत्यु से पूरी तरह मुक्त (चिरंजीवी) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वास्थ्य/आयु
विस्तृत लाभ
स्वास्थ्य/आयु
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चराचरात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ नानावेषाय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ मधुरिपवे नमः
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
ॐ कारुण्यामृतपाथोध्यै नमः