शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ हरये नमः — अर्थ
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सदाधाराय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धान्य लक्ष्म्यै नमः।
ॐ वृषाकपये नमः
ॐ करवालप्रियाकन्थायै नमः
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥