भार्गव कवच (ब्रह्मज्ञान प्राप्ति)
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
इस कवच का निरंतर जाप करने वाला साधक ब्रह्मज्ञान को प्राप्त कर लेता है। हे देवि! यह हैहय-वंश के शत्रु (परशुराम) का कवच मैंने तुमसे कह दिया।
इस मंत्र से क्या होगा?
परम ब्रह्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
परम ब्रह्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति।
जप काल
एकांत में ध्यान के साथ पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धान्य लक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ऊर्ध्व
ॐ श्रीकृष्णाय नमः
ॐ मुक्तानां-परमा-गतये नमः
ॐ क्लीं ऐं नमो भगवते रघुनन्दनाय रक्षोघ्न विषधाय मधुरप्रसन्न-वदनाय अमिततेजसे बलाय रामाय विष्णवे नमः क्लीं ऐं ॐ