शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ क्रूराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपदुष्टों हेतु भयंकर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो आतातायियों और दुष्टों के लिए अत्यंत क्रूर और निर्दयी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भय-मुक्ति
विस्तृत लाभ
भय-मुक्ति
जप काल
रक्षा हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सेव्यायै नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ श्रीधराय नमः
ॐ अनङ्गमञ्जरीभग्नायै नमः