शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ कान्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकमनीय रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो देखने में अत्यंत कमनीय और मोहक हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आकर्षण
विस्तृत लाभ
आकर्षण
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विनायकाय हुं
ॐ शङ्करप्रियबान्धवाय नमः।
ॐ महोदराय नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ वामप्रियाय नमः
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18