शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ कोमलाङ्ग्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत सुकोमल और नाजुक अंगों वाली देवी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कठोरता का त्याग और संवेदनशीलता की वृद्धि
विस्तृत लाभ
कठोरता का त्याग और संवेदनशीलता की वृद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
ॐ दुर्दर्शाय नमः
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ निर्गुणाय नमः
ॐ परमेष्ठिने नमः