कार्तिकेय मंत्र
ॐ कृष्णाव्यसनकर्शकाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
द्रौपदी (कृष्णा) के दुःखों (व्यसन) को दूर करने वाले को नमस्कार।
इस मंत्र से क्या होगा?
संकट में त्वरित रक्षा
विस्तृत लाभ
संकट में त्वरित रक्षा
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शुद्धनीलाञ्जनप्रख्याय नमः।
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
ॐ अखिलाद्याय नमः
ॐ दुर्गार्तिशमन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विज्ञानात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।