शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ नारायणमनोहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपविष्णु-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री नारायण के मन को हरने वाले भानजे को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ
विस्तृत लाभ
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोविन्दायै नमः
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः।
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
ॐ गुणाकराय नमः
ॐ अदृप्तनयनाय नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥