शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ प्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरम प्रभु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम प्रभु और स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में प्रभुत्व व प्रशासनिक सफलता
विस्तृत लाभ
समाज में प्रभुत्व व प्रशासनिक सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अक्षमालां कुठारं च रत्नपात्रं स्वदन्तकम् । धत्ते करैर्विघ्नराजो ढुण्ढिनाम मुदेऽस्तु नः ॥
ॐ शाश्वताय नमः
ॐ पुण्डरीकाय नमः
ॐ महेश्वरप्रियङ्कर्यै नमः
ॐ रक्तमालाविभूषाय नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।