शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ परमडम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरम शक्ति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम शक्तिमान और भव्य देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में भव्यता और प्रताप की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जीवन में भव्यता और प्रताप की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विधात्रे नमः
ॐ देवाय नमः
ॐ उदरं सुबलस्वसा पातु।
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ पीतवाससे नमः
ॐ कृतागमाय नमः