शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ विश्वयोनये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविश्व-मूल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संपूर्ण ब्रह्मांड की उत्पत्ति के कारण को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रचनात्मकता और उत्पादकता में वृद्धि
विस्तृत लाभ
रचनात्मकता और उत्पादकता में वृद्धि।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ कृष्णसञ्जीवन्यै राधायै नमः
श्री राम जय राम जय जय राम (Sri Ram Jaya Ram Jaya Jaya Ram)
ॐ कुमारीपूजकालयायै नमः
ॐ त्रिशिखिने नमः।
ॐ कारागृहविमोक्त्रे नमः