शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ महाडम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविशाल स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत विशाल (भयभीत करने वाले) रूप वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शत्रुओं में भय का संचार
विस्तृत लाभ
शत्रुओं में भय का संचार।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
त्वं देवि सरस्वत्यवा वाजेषु वाजिनि। रदा पूषेव नः सनिम्॥
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः इति दिग्बन्धः॥
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः
ॐ कल्याण्यै नमः