शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शम्भवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशम्भु (कल्याणकारी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शम्भु-स्वरूप कार्तिकेय को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में अनवरत कल्याण और शुभ घटनाओं का आगमन
विस्तृत लाभ
जीवन में अनवरत कल्याण और शुभ घटनाओं का आगमन।
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तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥
ॐ महते नमः
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18
ॐ विष्णवे नमः (नारायण कवच हृदयादि न्यास)
भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।