शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वकारनृपदेवस्त्रीचोरभूतारिमोहनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसम्मोहन स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राजाओं, देव-स्त्रियों, चोरों और भूतों को सम्मोहित करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शत्रुओं की बुद्धि का भ्रमित होना और सुरक्षा
विस्तृत लाभ
शत्रुओं की बुद्धि का भ्रमित होना और सुरक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सुवर्णवेष्टितं चाङ्गे लक्ष्मीमन्त्रं शतक्रतो। तस्यायुषो भवेद् वृद्धिः सर्वत्र विजयी महान्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ क्वणत्काञ्चीविभूषणायै नमः
ॐ गणाध्यक्षाय नमः
अहं सुवे पितरमस्य मूर्धन् मम योनिरप्स्वन्तः समुद्रे। ततो वि तिष्ठे भुवनानु विश्वोतामूं द्यां वर्ष्मणोप स्पृशामि॥
ॐ सर्वतन्त्रात्मकाय नमः