ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

स्कंद स्तुति

वेदान्तार्थस्वरूपाय वेदान्तार्थविधायिने । वेदान्तार्थविदे नित्यं विदिताय नमो नमः ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारश्लोक 2
स्वरूपवेदांत-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

वेदांत के अर्थ स्वरूप, वेदांत का विधान करने वाले और वेदांत के ज्ञाता भगवान को नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वेदों और वेदांत के गूढ़ अर्थों की समझ

विस्तृत लाभ

वेदों और वेदांत के गूढ़ अर्थों की समझ।

जप काल

स्वाध्याय के समय।

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