शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वासिष्ठादिमुनिश्रेष्ठवन्दिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवसिष्ठ-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि वसिष्ठ आदि श्रेष्ठ मुनियों द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वागीश्वर्यै नमः
ॐ प्रतिभानवते नमः।
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
नमो वञ्चते परिवञ्चते स्तायूनां पतये नमः।
ॐ परमधार्मिकाय नमः
ॐ विमलायै नमः