शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ रोगनाशनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरोग-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी रोगों का नाश करने वाले धन्वंतरि रूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
औषधियों की प्रभावशीलता में वृद्धि
विस्तृत लाभ
औषधियों की प्रभावशीलता में वृद्धि।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्ममुख्यै नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ मोरेश्वराय नमः (अथवा ॐ मयूरेश्वराय नमः)
ॐ गोपीवल्लभाय विद्महे तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
ॐ अघोररूपाय नमः।