शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पूष्णे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपोषणकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जगत का पोषण करने वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धन-धान्य और जीविका की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
धन-धान्य और जीविका की प्राप्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चतुर्दंष्ट्राय नमः
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ रामचन्द्राय नमः
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...