शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वकारसुखकलासंस्थाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप'व' कार कला
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'व' कार की सुखदायी कला में स्थित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सौंदर्य, माधुर्य और सांसारिक सुखों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सौंदर्य, माधुर्य और सांसारिक सुखों की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अपरायै नमः
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभवब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरां, त्वां त्रैलोक्यकुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सप्तव्याहृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ नमः शिवाय
ॐ कलनादनिनादस्थायै नमः