हनुमान मंत्र
ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता के शोक का विनाश किया, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है
विस्तृत लाभ
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है 35।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि। तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥
ॐ पीतवाससे नमः
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ॐ कुमतिघ्न्यै नमः
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
ॐ गुह्यं मे पातु गुह्यानां मन्त्राणां गुह्यरूपधृक्