शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ आश्रिताखिलदात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआश्रित-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
आश्रितों को सब कुछ (अखिल) प्रदान करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पूर्ण सुरक्षा व सर्वस्व की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
पूर्ण सुरक्षा व सर्वस्व की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववेदान्तपारगाय नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्।
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
ॐ अखिलानन्दिन्यै नमः
एको हि रुद्रो न द्वितीयाय तस्थुर् य इमांल्लोकानीशत ईशनीभिः।