शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भर्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभर्ग स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पापों को भस्म करने वाले (भर्ग) देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संचित कुकर्मों (Past bad karmas) का भस्म होना
विस्तृत लाभ
संचित कुकर्मों (Past bad karmas) का भस्म होना।
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ॐ करतयायै नमः
ॐ तारिकायै नमः / ॐ ह्रीं
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ सम्भवाय नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥