शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शिवस्वामिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपस्वामिनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिव को गुरु-रूप में ज्ञान देने वाले (स्वामिनाथ) को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुरु-तत्त्व की प्राप्ति व अहंकार का शमन
विस्तृत लाभ
गुरु-तत्त्व की प्राप्ति व अहंकार का शमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
नारायणाद् ब्रह्मा जायते। नारायणाद् रुद्रो जायते।
व्लूं (Vlūm)
ॐ सुग्रीवेप्सितराजदाय नमः
ॐ मुण्डिने नमः।