शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वायुवन्दिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपवन-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पवनदेव द्वारा वंदित भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्वसन तंत्र (Respiratory system) से जुड़े रोगों में लाभ
विस्तृत लाभ
श्वसन तंत्र (Respiratory system) से जुड़े रोगों में लाभ।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ कुहूभर्त्रे नमः
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
ॐ हृदयं विजया तथा।
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ निसर्गसमयाय नमः।