ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

ॐ वंशविवर्धनाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपवंश-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

उपासक के कुल और वंश की वृद्धि करने वाले देव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

बांझपन निवारण एवं सुयोग्य संतति का जन्म

विस्तृत लाभ

बांझपन निवारण एवं सुयोग्य संतति का जन्म।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥

अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥

ॐ पुण्डरीकशुभावहाय नमः

ॐ नित्यायै नमः

भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥

ॐ जानुदेशं जया पातु।