शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भवरोगहन्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभव-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जन्म-मरण रूपी भवरोग को नष्ट करने वाले वैद्य को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ मृत्युघ्न्यै नमः
ॐ अपारगुणसागरायै नमः
नमो वृक्षेभ्यो हरिकेशेभ्यः पशूनां पतये नमः।
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ संकर्षणाय नमः