ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

वृक्षाधिपति स्तुति

नमो वृक्षेभ्यो हरिकेशेभ्यः पशूनां पतये नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारप्राकृतिक संरक्षण मंत्र
स्वरूपहरिकेश पशुपति
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हरे पत्तों रूपी बालों वाले वृक्षों के रूप में विद्यमान और पशुओं के स्वामी भगवान रुद्र को नमन है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

प्रकृति से जुड़ाव, पशु-धन की रक्षा, और पर्यावरण का शोधन

विस्तृत लाभ

प्रकृति से जुड़ाव, पशु-धन की रक्षा, और पर्यावरण का शोधन 37।

जप काल

वन या उद्यान में।

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