शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये एकादशरुद्राः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपएकादश रुद्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ग्यारह रुद्रों के स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
ॐ लोकाध्यक्षाय नमः
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
ॐ रसाधराय नमः
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥