शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वकाररूपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप'व' कार बीज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'व' कार (वरुण/जल बीज) के स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भावनात्मक स्थिरता और जीवन में तरलता (Flow)
विस्तृत लाभ
भावनात्मक स्थिरता और जीवन में तरलता (Flow)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां सर्वशक्तिधाम्ने ईशानात्मने अङ्गुष्ठाभ्यां नमः
ॐ पितृस्तुताय नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ वज्रनखाय वज्रिणे नमः
ॐ प्रतापवते नमः
श्री राम जय राम जय जय राम