शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वानीगीतश्रवणकौतुकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकला-पारखी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सरस्वती द्वारा गाए गए गीतों को सुनने में कौतुक रखने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला की सूक्ष्म समझ और सौंदर्यबोध का विकास
विस्तृत लाभ
कला की सूक्ष्म समझ और सौंदर्यबोध का विकास।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वित्तायै नमः
ॐ अनङ्गमञ्जरीभग्नायै नमः
ॐ कमलालयामध्यस्थायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये संहारकर्ता तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ धरणीपालकाय नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।