शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वल्ली देवसेनासमेत श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपूर्ण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वल्ली और देवसेना के साथ विराजमान श्री सुब्रह्मण्य स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों पुरुषार्थों की सिद्धि
विस्तृत लाभ
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों पुरुषार्थों की सिद्धि।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
वाजश्च मे प्रसवश्च मे प्रयतिश्च मे प्रसितिश्च मे धीतिश्च मे क्रतुश्च मे...
ॐ कमलायै नमः
ॐ भूतभावनाय नमः।
ॐ सत्यपरायै नमः
ॐ गुणभद्राय नमः