ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

पूर्व मुख (वानर) रक्षण मंत्र

ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्व कपि मुखे। सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारपंचमुखी साधना मंत्र (पूर्व मुख)
स्वरूपपंचमुखी हनुमान (वानर मुख)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

पूर्व दिशा की ओर वानर (कपि) मुख वाले पंचमुखी भगवान को नमस्कार है, आप मेरे सभी शत्रुओं का संहार करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सभी ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, चित्त की शुद्धि और अभीष्ट की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

सभी ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, चित्त की शुद्धि और अभीष्ट की प्राप्ति 10।

जप काल

पूर्व दिशा की ओर मुख करके पंचमुखी कवच पाठ के मध्य।

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