ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

ॐ वरदहस्ताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपवरद-हस्त
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

सदैव वरदान देने के लिए हाथ उठाए रखने वाले देव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ईश्वरीय कृपा और वरदान की अनवरत वर्षा

विस्तृत लाभ

ईश्वरीय कृपा और वरदान की अनवरत वर्षा।

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