शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ द्विषड्भुजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप12 भुजा वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बारह भुजाओं वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बहुआयामी कार्यक्षमता व शक्ति
विस्तृत लाभ
बहुआयामी कार्यक्षमता व शक्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सात्त्विकाय नमः
ॐ कङ्कालमाल्यधारिण्यै नमः
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।
ॐ सदाशिवाय नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥